लाल किताब के उपाय- चन्द्रमाLal
Kitab for Moon
चन्द्रमा को आकर्षण का कारण माना जाता है। जिन
जातकों की कुंडली में शुक्र और चन्द्रमा शुभ होते हैं वह जातक अपने जीवन में प्रेम
संबंधों के प्रति उत्सुक और सफल रहते हैं। ऐसे लोग एक अच्छे प्रेमी साबित होते
हैं।
चन्द्रमा का जीवन पर प्रभाव (Effect of moon in Lal Kitab Kundali)
लाल किताब कुंडली (Lal Kitab Kundali in Hindi) में अगर चन्द्रमा नीच या दुर्बल है तो यह जातक की सुन्दरता, प्रेम और वैवाहिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। लाल किताब में चन्द्रमा के सभी 12 भावों के फल और अनुचित फल देने वाले चन्द्रमा के उपाय भी बताएं गए हैं।
चन्द्रमा के कुछ लाल किताब उपाय और टोटके (Lal Kitab or Totke for Moon)
लाल किताब कुंडली में अगर चन्द्रमा नीच स्थान पर है और यदि चन्द्रमा ग्रह के कारण आपके जीवन में कुछ उथल-पुथल हो रही है तो आप निम्न उपाय अपना सकते हैं:
* लाल किताब कुंडली (Lal Kitab Kundali in Hindi) में अगर राहु प्रथम भाव में नीचा यानि उचित फल देने वाला ना हो तो घर में चाँदी का बर्तन रखें, 24-27 की उम्र में शादी ना करें और नाहीं मकान बनाएँ। हरे रंग व ससुराल वालों से दूर रहें, बच्चों की सलामती के लिए नदी में सिक्का डालें।
* दूसरे भाव में चन्द्रमा ग्रह के उत्तम फल पाने के लिए चन्द्रमा से संबंधित जैसे चावल, चाँदी, मट्टी से लीपा हुआ फर्श और माता का आशीर्वाद अहम भूमिका निभाएँगे।
* तृतीय भाव में चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए चन्द्रमा से संबंधित चाँदी या चावल का दान करना चाहिए तथा कन्या के जन्म उत्सव पर सूर्य से संबंधित गेहूँ या गुड का दान करना चाहिए।
* यदि चौथे भाव में बैठे चन्द्रमा के कारण आपको परेशानी हो रही है तो दूध व खोये का व्यापार ना करें। कोई भी कार्य की शुरूआत करने से पहले मटकी में दूध भर घर में रखें।
* पंचम भाव में चन्द्रमा की पीड़ा शांत करने के लिए जातकों को लालच व स्वार्थ से बचना चाहिए। किसी अन्य की सलाह मानकर अधिक काम नहीं करने चाहिए।
* छठे भाव में चन्द्रमा ग्रह के शुभ फल पाने के लिए जातक अपने हाथों से पिता को दूध परोसना चाहिए। साथ ही दूध को धार्मिक कार्यों के अलावा कहीं और दान नही करना चाहिए।
* लाल किताब के अनुसार सातवें भाव में अगर चन्द्रमा ग्रह से हानि हो रही हो तो जातकों जीवन के 24वें वर्ष में विवाह संस्कार नहीं करना चाहिए। ज्योतिषियों के अनुसार ऐसे जातकों को माता को खुश रखना चाहिए और शादी में अपनी पत्नी के वजन के बराबर चाँदी और चावल लेना चाहिए।
* आठवें भाव में चन्द्रमा ग्रह के अशुभ परिणामों को कम करने के लिए जातक को जुएं से दूर रहना चाहिए। साथ ही मंदिर में चना व दाल अर्पण करना शुभ माना जाता है।
* लाल किताब के अनुसार नौवें भाव में चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए जातक को घर की अलमारी में चाँदी का टुकड़ा रखना चाहिए। मजदूरों को दूध परोसने से भी शांति मिलती है।
* दसवें भाव में चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए जातक को धार्मिक यात्रा करनी चाहिए।
* अगर लाल किताब कुंडली में चन्द्रमा के 11वें भाव में होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो जातक को भैरव मंदिर में दूध चढ़ाकर उदारतापूर्वक दूध दान करना चाहिए तथा पेड़े के 125 टुकड़े नदी में प्रवाह करना चाहिए।
* लाल किताब ज्योतिषी और जानकार बारहवें भाव में बैठे चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा या अशुभ फलों को कम करने के लिए साधू-संतों को दूध ना चढ़ाएँ, शिक्षा या चिकित्सा संबंधी संस्थान की शुरूआत ना करें। सोने के आभूषण धारण कर ईश्वर की आराधना करनी चाहिए।
चन्द्रमा का जीवन पर प्रभाव (Effect of moon in Lal Kitab Kundali)
लाल किताब कुंडली (Lal Kitab Kundali in Hindi) में अगर चन्द्रमा नीच या दुर्बल है तो यह जातक की सुन्दरता, प्रेम और वैवाहिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। लाल किताब में चन्द्रमा के सभी 12 भावों के फल और अनुचित फल देने वाले चन्द्रमा के उपाय भी बताएं गए हैं।
चन्द्रमा के कुछ लाल किताब उपाय और टोटके (Lal Kitab or Totke for Moon)
लाल किताब कुंडली में अगर चन्द्रमा नीच स्थान पर है और यदि चन्द्रमा ग्रह के कारण आपके जीवन में कुछ उथल-पुथल हो रही है तो आप निम्न उपाय अपना सकते हैं:
* लाल किताब कुंडली (Lal Kitab Kundali in Hindi) में अगर राहु प्रथम भाव में नीचा यानि उचित फल देने वाला ना हो तो घर में चाँदी का बर्तन रखें, 24-27 की उम्र में शादी ना करें और नाहीं मकान बनाएँ। हरे रंग व ससुराल वालों से दूर रहें, बच्चों की सलामती के लिए नदी में सिक्का डालें।
* दूसरे भाव में चन्द्रमा ग्रह के उत्तम फल पाने के लिए चन्द्रमा से संबंधित जैसे चावल, चाँदी, मट्टी से लीपा हुआ फर्श और माता का आशीर्वाद अहम भूमिका निभाएँगे।
* तृतीय भाव में चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए चन्द्रमा से संबंधित चाँदी या चावल का दान करना चाहिए तथा कन्या के जन्म उत्सव पर सूर्य से संबंधित गेहूँ या गुड का दान करना चाहिए।
* यदि चौथे भाव में बैठे चन्द्रमा के कारण आपको परेशानी हो रही है तो दूध व खोये का व्यापार ना करें। कोई भी कार्य की शुरूआत करने से पहले मटकी में दूध भर घर में रखें।
* पंचम भाव में चन्द्रमा की पीड़ा शांत करने के लिए जातकों को लालच व स्वार्थ से बचना चाहिए। किसी अन्य की सलाह मानकर अधिक काम नहीं करने चाहिए।
* छठे भाव में चन्द्रमा ग्रह के शुभ फल पाने के लिए जातक अपने हाथों से पिता को दूध परोसना चाहिए। साथ ही दूध को धार्मिक कार्यों के अलावा कहीं और दान नही करना चाहिए।
* लाल किताब के अनुसार सातवें भाव में अगर चन्द्रमा ग्रह से हानि हो रही हो तो जातकों जीवन के 24वें वर्ष में विवाह संस्कार नहीं करना चाहिए। ज्योतिषियों के अनुसार ऐसे जातकों को माता को खुश रखना चाहिए और शादी में अपनी पत्नी के वजन के बराबर चाँदी और चावल लेना चाहिए।
* आठवें भाव में चन्द्रमा ग्रह के अशुभ परिणामों को कम करने के लिए जातक को जुएं से दूर रहना चाहिए। साथ ही मंदिर में चना व दाल अर्पण करना शुभ माना जाता है।
* लाल किताब के अनुसार नौवें भाव में चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए जातक को घर की अलमारी में चाँदी का टुकड़ा रखना चाहिए। मजदूरों को दूध परोसने से भी शांति मिलती है।
* दसवें भाव में चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए जातक को धार्मिक यात्रा करनी चाहिए।
* अगर लाल किताब कुंडली में चन्द्रमा के 11वें भाव में होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो जातक को भैरव मंदिर में दूध चढ़ाकर उदारतापूर्वक दूध दान करना चाहिए तथा पेड़े के 125 टुकड़े नदी में प्रवाह करना चाहिए।
* लाल किताब ज्योतिषी और जानकार बारहवें भाव में बैठे चन्द्रमा ग्रह की पीड़ा या अशुभ फलों को कम करने के लिए साधू-संतों को दूध ना चढ़ाएँ, शिक्षा या चिकित्सा संबंधी संस्थान की शुरूआत ना करें। सोने के आभूषण धारण कर ईश्वर की आराधना करनी चाहिए।
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